शिवसेना-एनसीपी चुनाव चिन्ह विवाद पर 21 जनवरी को सुनवाई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह विवादों की अंतिम सुनवाई की तारीख 21 जनवरी 2026 तय की है। दोनों मामलों को एक साथ सुना जाएगा। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि जरूरत पडऩे पर 22 जनवरी को भी सुनवाई की जा सकती है।
शिवसेना (उद्धव गुट) ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग के फरवरी 2023 के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें एकनाथ शिंदे के गुट को असली शिवसेना माना गया और उन्हें ‘धनुष-बाण’ का चुनाव चिन्ह दिया गया। उद्धव ठाकरे गुट का कहना है कि चुनाव आयोग ने पार्टी के संगठन में कौन ज्यादा मजबूत है, यह देखने के बजाय सिर्फ विधायकों की संख्या को महत्व दिया। इसी तरह, एनसीपी (शरद पवार गुट) ने भी फरवरी 2024 में चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें अजित पवार गुट को असली एनसीपी माना गया और उन्हें ‘घड़ी’ का चुनाव चिन्ह दिया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि दोनों मामलों की सुनवाई एक साथ की जाएगी।
आईपीएस एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने विधायक प्रीतम सिंह लोधी की टिप्पणी पर जताई कड़ी आपत्ति
PHE में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, क्लर्क के इशारे पर पहुंचा पम्प अटेंडेंट
दिल्ली-NCR में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, ISI के दो एजेंट गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ में पदोन्नति आरक्षण की राह आसान: ST-SC वर्ग के लिए बनेगा 'क्वांटिफिएबल डेटा'