दिल्ली की हवा जहरीली बनी रही, झमाझम बारिश भी नहीं कर सकी काम
नई दिल्ली|दिल्ली वालों के लिए साल 2026 की शुरुआत प्रदूषण के लिहाज से काफी निराशाजनक रही है। आमतौर पर माना जाता है कि बारिश प्रदूषण को धो देती है, लेकिन इस बार दिल्ली में कुदरत का यह नियम भी फेल हो गया। आंकड़ों के मुताबिक, इस जनवरी में सामान्य से 33% ज्यादा बारिश हुई, फिर भी यह महीना पिछले साल (जनवरी 2025) के मुकाबले ज्यादा प्रदूषित रहा।
बारिश ज्यादा, फिर भी सांसों पर संकट क्यों?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का डेटा चौंकाने वाला है। जनवरी 2026 का औसत AQI 307 दर्ज किया गया, जो पिछले साल जनवरी के 305 AQI से ज्यादा था। हैरानी की बात यह है कि जनवरी 2025 में एक भी दिन हवा 'गंभीर' श्रेणी में नहीं थी, लेकिन इस साल 17 से 19 जनवरी के बीच प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। 18 जनवरी को तो AQI 440 तक चला गया था।
हवा क्यों नहीं हुई साफ?
टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, सफर ऐप के फाउंडर गुफरान बेग ने इसके पीछे का विज्ञान समझाया है। उन्होंने बताया कि इस बार ला नीना की स्थिति नहीं बनी, जिससे तेज हवाएं नहीं चलीं। जनवरी में तठस्थ (ENSO-neutral) स्थितियां रहीं, जिसके कारण हवा की रफ्तार धीमी रही और प्रदूषण के कण बिखर नहीं पाए। वहीं पश्चिमी विक्षोभ भी महीने की शुरुआत में कमजोर थे।
दिल्ली प्रदूषण
महीने के अंत ने बचाई लाज
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर जनवरी के आखिरी हफ्ते में बारिश नहीं होती, तो प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड तोड़ सकता था। महीने के पहले तीन हफ्ते पूरी तरह सूखे थे। बारिश मुख्य रूप से 23, 24 और 28 जनवरी को हुई, जिससे महीने के अंत में थोड़ी राहत मिली। यह पिछले चार सालों में सबसे भीगी जनवरी रही, लेकिन प्रदूषण फिर भी हावी रहा।अब ऑनलाइन क्राइम से निपटेगी दिल्ली पुलिस की ये स्पेशल यूनिट, मिली 'सुपर पावर'दिल्ली आबकारी विभाग देशी शराब के लिए थोक लाइसेंस जारी करेगा, जानें पूरी डिटेल्स फिर बदल सकता है मौसम विभाग (IMD) ने आज और कल के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में गरज के साथ बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जिससे प्रदूषण से कुछ और राहत मिल सकती है।
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