दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बड़ा बदलाव, कांवड़ यात्रा के चलते 5 दिनों तक रहेगा बंद
गाजियाबाद: वार्षिक कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे अगस्त माह के शुरुआती पखवाड़े में दिल्ली और एनसीआर के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को यातायात संबंधी बदलावों का सामना करना पड़ेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे की सभी छह लेन पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह यातायात पाबंदी दिल्ली सीमा पर स्थित यूपी गेट से लेकर मेरठ सीमा के पास काशी टोल प्लाजा तक प्रभावी रहेगी, जिसके तहत कार, बस और ट्रक समेत सभी निजी व व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी, हालांकि बगल से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-9 की लेन यातायात के लिए चालू रखी जाएंगी।
भारी और हल्के वाहनों के लिए लागू होंगी अलग-अलग तिथियों से पाबंदियां
यातायात पुलिस द्वारा जारी मार्ग योजना के अनुसार भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर जुलाई के अंतिम सप्ताह से ही प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा। वहीं हल्के और मध्यम श्रेणी के वाहनों के लिए यह यातायात डायवर्जन अगस्त माह की शुरुआत से लागू होकर महाशिवरात्रि के पर्व तक प्रभावी रहेगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य 'डाक कांवड़' लेकर तीव्र गति से दौड़ने वाले श्रद्धालुओं और उनके साथ चलने वाले सहयोगी वाहनों को पूरी सुरक्षा और निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराना है, जो आमतौर पर आवागमन के लिए एक्सप्रेसवे का ही प्रयोग करते हैं।
परिवर्तित मार्गों से संचालित होंगे दिल्ली और आसपास के वाहन
दिल्ली, सीमापुरी, आनंद विहार और तुलसी निकेतन की ओर से आने वाले वाहनों को यूपी गेट पर रोककर चौधरी चरण सिंह मार्ग, गाजीपुर मंडी, एनएच-9 तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) या दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की तरफ मोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त बागपत, हापुड़ और बुलंदशहर की दिशा से आने वाले वाहनों को सीधे शहर के अंदरूनी मार्गों पर प्रवेश देने के बजाय डासना, लाल कुआं और वैकल्पिक बाइपास मार्गों के जरिए उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा, ताकि गाजियाबाद शहर के भीतर यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
पाइपलाइन और गंगनहर पटरी मार्ग पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद
कांवड़ियों की भारी पैदल आवाजाही को देखते हुए पाइपलाइन रोड और गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर सामान्य वाहनों के चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। लोनी बॉर्डर से लोनी कस्बे तथा सिद्धार्थ विहार से मेरठ तिराहे की तरफ जाने वाले मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बंद रखी जाएगी। इसके साथ ही इंदिरापुरम क्षेत्र के गौर ग्रीन एवेन्यू, खोड़ा, कालापत्थर, सेक्टर-62 और छिजारसी जैसे प्रमुख संपर्क कटों से एनएच-9 की ओर जाने वाली भारी गाड़ियों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
रोडवेज और सिटी बसों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित
यात्रा के मुख्य दिनों के दौरान सभी प्रकार की रोडवेज, निजी, सिटी और इलेक्ट्रिक बसों को शहर के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बुलंदशहर और आनंद विहार की तरफ से आने वाली बसें बाहरी सीमाई इलाकों तक ही सीमित रहेंगी और उन्हें एनएच-9 तथा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए ही दूसरे जिलों के लिए डायवर्ट किया जाएगा। इसके अतिरिक्त दुधेश्वरनाथ मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख शहरी रास्तों और फ्लाईओवर पर भी सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
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