ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान में हालात बिगड़े, Shehbaz Sharif ने आज रात से लॉकडाउन का किया ऐलान
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने देशभर में ऊर्जा बचत के लिए बड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंध प्रांत को छोड़कर पूरे देश में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे।पाकिस्तान में बढ़ते ऊर्जा संकट और वैश्विक हालात के चलते सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे सकता है।
नए नियम 7 अप्रैल से लागू कर दिए गए हैं
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह फैसला ऊर्जा खपत को कम करने और ईंधन संकट से निपटने के उद्देश्य से लिया गया है। यह नए नियम 7 अप्रैल से लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने राहत देते हुए मेडिकल स्टोर और दवा दुकानों को इन समय-सीमाओं से बाहर रखा है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
सिंध को फिलहाल छूट,अन्य राज्यों में सख्ती
सरकार के फैसले के तहत पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा (KP), बलूचिस्तान, इस्लामाबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान में सभी बाजार और मॉल रात 8 बजे तक बंद होंगे। हालांकि, सिंध में बाजारों के समय को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस पर व्यापारिक संगठनों से चर्चा जारी है।
रेस्टोरेंट और शादी समारोहों पर भी असर
नए नियमों के तहत रेस्टोरेंट, बेकरी, तंदूर और खाद्य पदार्थों की दुकानें रात 10 बजे तक ही खुली रह सकेंगी। इसके अलावा, मैरिज हॉल, मार्की और अन्य कमर्शियल शादी स्थलों को भी रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य होगा। सरकार ने निजी घरों में भी रात 10 बजे के बाद शादी समारोह आयोजित करने पर रोक लगा दी है।
ईरान संकट और तेल आपूर्ति पर असर
सरकार के अनुसार, यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण उठाया गया है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति बाधित हुई। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 25% हिस्सा संभालता है, और इसकी बाधा से ईंधन की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया है।
मुजफ्फराबाद और गिलगित में राहत
सरकार ने गिलगित और मुजफ्फराबाद में नागरिकों को राहत देते हुए एक महीने तक इंटरसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट मुफ्त करने की घोषणा की है। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।इस बीच, सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कराची में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से बैठक की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सभी को जिम्मेदारी निभानी होगी और सरकार ऐसे कदम उठाएगी जिससे आम जनता, खासकर गरीब वर्ग पर कम से कम बोझ पड़े। व्यापारिक संगठनों द्वारा दिए गए सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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