ईरान को फिर बनाएंगे महान, अमेरिका को बनाना है एक रणनीतिक साझेदार
वॉशिंगटन। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने रविवार को अमेरिका के डलास में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस सम्मेलन में ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है। उन्होंने ईरान की जनता के बलिदान को याद करते हुए इस्लामिक रिपब्लिक के अंत और एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और समृद्ध ईरान को फिर से खड़ा करने का रोडमैप दुनिया के सामने रखा। उन्होंने अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीतियों और अमेरिकी सैन्य अभियानों मिडनाइट हैमर व एपिक फ्यूरी की तारीफ की, जिसमें खामेनेई के मारे जाने और परमाणु स्थलों के नष्ट होने की बात कही। पहलवी ने साफ कहा कि वह ईरान में लोकतंत्र की ओर स्थापना का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं और उनका लक्ष्य ईरान को अमेरिका का एक रणनीतिक साझेदार बनाना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रजा शाह पहलवी ने कहा कि आज मैं अपने उन साथियों की याद के साथ बात शुरु करता हूं जिन्होंने न केवल अपनी आजादी के लिए बल्कि ईरान को इस दुष्ट और भ्रष्ट शासन से मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ी, खून बहाया और जानें दी। वे दुनिया की आजादी, शांति और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं। पहलवी ने एक ऐसे ईरान की कल्पना की जो आतंकवाद के बजाय स्वतंत्रता का निर्यात करे। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र ईरान 21वीं सदी का सबसे बड़ा अनछुआ आर्थिक अवसर है। 9.3 करोड़ की शिक्षित और उद्यमी आबादी के साथ, अमेरिका-ईरान की रणनीतिक साझेदारी अगले दशक में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का राजस्व पैदा कर सकती है।
उन्होंने अब्राहम समझौते को सायरस समझौते में बदलने का विजन पेश किया, जिससे इजराइल और ईरान के बीच शांति स्थापित हो सके। पहलवी ने भाषण में जनवरी 2026 के बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों को शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया, जिस पर पूरे 31 प्रांतों में लाखों लोग निकले, लेकिन शासन ने इंटरनेट बंद कर दिया और 40,000 से ज्यादा ईरानियों की हत्या कर दी। 3 लाख से ज्यादा घायल हुए। अस्पतालों में घायलों को गोली मारी गई, जेलों में बलात्कार हुए और यहां तक कि मदद करने वाले डॉक्टरों-नर्सों को भी मार दिया गया। आज भी कई माताएं अपने बेटों की तलाश कर रही हैं। शासन ने ईरान को 21वीं सदी से अंधकार युग में धकेल दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक रजा पहलवी ने उम्मीद जताई कि जिस साल अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है, वही साल ईरान की 2,500 साल पुरानी सभ्यता के पुनर्जन्म का गवाह बनेगा। उन्होंने अमेरिकी जनता और प्रशासन से अपील की कि वह इस गिरते हुए शासन को कोई लाइफलाइन न दें। पहलवी ने संकल्प लिया कि जैसे राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका को फिर से महान बना रहे हैं, वैसे ही वह अपने बहादुर देशवासियों के साथ मिलकर ईरान को फिर से महान बनाएंगे।
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