गौ रक्षक की हत्या के बाद हैदराबाद में बवाल, तेलंगाना BJP अध्यक्ष को पुलिस ने किया गिरफ्तार
हैदराबाद: जय श्री राम, जय गौ माता और भारत माता की जय के नारों के साथ गाय और गौ रक्षकों (Cow Protectors) की सुरक्षा की मांग करते हुए सरकार का विरोध करने पर तेलंगाना (Telangana) के बीजेपी नेताओं (BJP Leaders) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया. ये गिरफ्तारियां डीजीपी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुईं.
तेलंगाना बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र रावू को आज हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई तब हुई, जब वे और उनके समर्थक गोरक्षकों पर हुए कथित हमले के आरोपी एआईएमआईएम पार्टी के एक नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर डीजीपी कार्यालय की ओर विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे थे. इस घटना के बाद से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं.
बीजेपी का आरोप है कि हैदराबाद में गोरक्षक पर एक संगठित तरीके से हमला किया गया, जिसमें कथित रूप से एआईएमआईएम के एक स्थानीय नेता की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है. पार्टी का दावा है कि राज्य सरकार, एआईएमआईएम के दबाव में आकर दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिससे गोरक्षकों में गहरा आक्रोश है. रावू का मार्च इसी आक्रोश को व्यक्त करने और न्याय की मांग को लेकर था.
पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के प्रदर्शन करने और धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में रावू सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. हालांकि, भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने कहा कि जब वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग उठा रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जो लोकतंत्र की हत्या है.
यह घटना तेलंगाना में भाजपा और एआईएमआईएम के बीच बढ़ते राजनीतिक घमासान को दर्शाती है. बीजेपी गो-संरक्षण और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर एआईएमआईएम को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि एआईएमआईएम इसे सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास करार देती रही है. रावू की गिरफ्तारी ने इस सियासी लड़ाई को एक नया मोड़ दिया है.
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर
3147 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का काम शुरु
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर