कौन दे रहा है रेपिस्टों को शरण 

मछली परिवार का ड्रग्स,लव जिहाद,लैंड जिहाद और हथियार तस्करी के मामले देश भर में सुर्खिया बने हुए है।लेकिन मछली परिवार को किसी किसी राजनेता का संरक्षण साफ देखने को मिल रहा है। क्यों कि बीते दिनों एक फरियादी अपनी पीड़ा मीडिया के सामने बया कर था है।देश सहित प्रदेश के तमाम न्यूज चैनल और अखबारों ने उसकी पीड़ा की खबर प्रमुखता से दिखाई।पीड़ित राजेश तिवारी ने बया करते हुए बताया कि उसके साथ किस तरह से अपहरण हुआ।पूरी रात उसके साथ पिटाई हुई। झूठी FIR करके हाफ मर्डर का केश बनवा दिया।उसके अकाउंट से बंदूक की नोक पर पैसा ट्रांसफर कराया गया। पीड़ित तिवारी ने पुलिस के सामने पूरे साक्ष्य रखे।आई बिटनिश सामने आया।पैसे किसके अकाउंट में गए ये बताया।तमाम सबूत देने के बाद भी सारिक के खिलाफ FIR दर्ज करने में भोपाल पुलिस के हाथ काप रहे है।राजेश तिवारी की माने तो राजनैतिक ताकतों के चलते भोपाल पुलिस ने अब तक सारिक मछली पर FIR नहीं की है।आज सुर्खियों में आई बिलखिरिया पुलिस की 7 FIR मीडिया जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल ये FIR कोकता में अवैध तरीके से किए गए जमीन घोटालों को लेकर की गई है।लेकिन अचंभे की बात तो ये है कि इन FIR में मछली परिवार के किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं है।FIR में दो ऐसी जगहों का भी जिक्र है जिसमें मछली परिवार का कब्जा साबित होने के बात प्रशासन ने कब्जे को जमीदोश कर दिया था। ये जमीनें घोषित रूप से मछली परिवार के कब्जे में थी।पूरा अवैध कॉलोनी और सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल मछली परिवार करता था।लेकिन एक राजनेता की ऐसी मेहरबानी हुई कि पूरे अवैध लैंड मामले से मछली परिवार का नाम ही हटवा दिया।

 पुलिस अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री के साथ आदेश होने के बाद भी पुलिस के शिकंजे से बाहर शारीक मछली 

गौरतलब है कि बीते दिन मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि जो भी अपराध करेगा उस पर कठोर कार्यवाही होगी।उन्होंने भोपाल में हुई कार्यवाही का जिक्र किया। और पुलिस की जमकर तारीफ की।लेकिन देखने में लग रहा है कि एक राजनेता मुख्यमंत्री पर भी भारी पड़ रहा है यही कारण है कि पीड़ित सामने आ रहे है मछली परिवार पर गंभीर आरोप लगा रहा है। सबूत दे रहा है लेकिन पुलिस एक राजनेता के दबाव के चलते मछली परिवार को बचाने में लगी है। लेकिन राजनेता का दबाव मानना पड़ेगा कि जिन्होंने अवैध कब्जा किया ,सरकारी जमीने बेच दी पुलिस ने उस मछली परिवार पर अवैध कब्जे और जमीन घोटालों में FIR दर्ज नहीं की।

 मछली गेम की धमकियां जारी पीड़ित 

जो पीड़ित सामने आए है उनका कहना है कि मछली परिवार के गुंडे अभी भी सक्रिय है। पुलिस ने यासीन मछली के ड्रग्स कनेक्शन को जब उजाकर किया तब क्राइम ब्रांच पुलिस ने बोला था कि जो भी पीड़ित है वह सामने आए।डरे नहीं।लेकिन इसका उलट देखने को मिल रहा है।पीड़ित अधिकारी ओर थाने के चक्कर काट कर परेशान हो गया।मीडिया के सामने अपना दुख व्यक्त कर गया।लेकिन मछली परिवार के सारिक के खिलाफ अब तक मुकदमा दर नहीं हुआ।पीड़ित इतने डर के माहौल में है कि वह घर से बाहर निकले में भी कई बार सोच रहे है। क्यों कि सारिक का क्राइम करने का तरीका बिल्कुल अलग है। सारिक बंदूक की नोक पर भोपाल के किसी भी कोने से अपहरण कर सकता है।पीड़ितों को यह भी डर है कि कभी भी उन पर झूठी FIR दर्ज हो सकती है।ऐसा पीड़ितों ने इसलिए बताया क्यों कि जो पीड़ित सामने आए है उनको सारिक झूठे केश में कई बार जेल की हवा कटवा चुका है। पीड़ितों की माने तो सारिक पर यदि कोई कठोर कार्यवाही नहीं होती तो उनके पास मरने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है।

 खौफ का दूसरा नाम सारीक मछली 

मछली परिवार से जो पीड़ित है वह बताते है कि खौफ का दूसरा नाम सारिक मछली है। सारिक के पिटाई कराने वाले वीडियो अब तक सुर्खियों में रहे है।दरअसल सारिक जब किसी की पिटाई कराता है तो वह पहले कपड़े उतारकर लोगो को मरता है फिर वीडियो वायरल करता है।बीते महीने एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें सारिक के गुर्गों ने एक नाबालिक बच्चे को बहुत मारा था फिर लड़के ने वीडियो बनाकर वायरल किया था जिसमें उसने कहा था कि सारिक के कहने पर पिटाई हुई है। लेकिन वह मामला भी एक राजनेता के कहने पर दव गया था। एक बड़ी बात और यह है कि सारिक के पास कोई लाइसेंसी हथियार नहीं है इसके बाद भी वह खुले आम हथियार लेकर घूमता है। सारिक के सैकड़ों फोटो वायरल है जिसमें वह हथियारों की दम पर अपना रोब दिखा रहा है। हालांकि एक फोटो बहुत चर्चा में है जिसमें सारिक 5 हथियारों के साथ दिखाई दे रहा है।इसके बावजूद भी सारिक पर अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई। अमूबन देखा गया है कि यदि किसी व्यक्ति का एक फोटो भी तलवार के साथ दिख जाए।भोपाल पुलिस उसे ढूंढकर निकाल लेती है।ओर आर्म्स एक्ट की कार्यवाही करती है।लेकिन यहां इसके उलट देखने को मिल रहा है घर में 15 तलवार,अवैध हथियार, सेना का एम्युनिशन बॉक्स, सोशल मीडिया पर फोटो आने के बाद भी भोपाल पुलिस आंख बंद किए है ऐसा कैसे?