13 करोड़ की चोरी की शराब को अधिकारी मैडम और शराब व्यापारी ने मिलकर खपाया
मैडम की करोड़ों की संपत्ति ऐसे ही नहीं बन गई अगर मैडम की संपत्ति की जांच हो जाए तो एक और आबकारी अधिकारी एड की जांच के घेरे में खड़ा नजर आने लगेगा
अधिकारी मैडम और शराब व्यापारी के ऊपर किसका हाथ

मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा शराब चोरी का घोटाला आबकारी कमिश्नर की जानकारी के बगैर पहुंच गई छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश 50 ट्रक शराब तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर वंदना पांडे ने सोंम कंपनी का दिया भरपूर साथ, इतने बड़े घोटाले के बाद भी शराब व्यापारी और अधिकारी बच निकले
रायसेन की तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर वंदना पांडे को वैसे तो संभागीय उड़न दस्ता में अटैच किया गया है कई बार संभागीय उड़न दस्ता के ऑफिस जाने का सौभाग्य मिला लेकिन मैडम के बारे में जानकारी लेने पर हर बार यही जवाब मिला कि मैडम ऑफिस कम आती है

रायसेन जिले के शराब नाशक्तिकरण मामले में बड़ी जानकारी सामने आई
शराब नाशक्तिकरण के मामले में अधिकारियों को हो सकती है जेल
सूत्रों की माने तो आबकारी कमिश्नर ने जिले के और संभाग के जिम्मेदार अधिकारयों को नोटिस देकर विभागीय जांच करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया है
*मध्य प्रदेश में एक तरफ मुख्यमंत्री जहां शराबबंदी की बात कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सोम कंपनी और जिले के आबकारी अफसर मिलकर बड़े घोटाले को अंजाम देने में लगे हुए
यह वही कंपनी है जिसके एक डायरेक्टर ने जगदीश अरोड़ा और अजय अरोड़ा को अपनी मौत का दोषी ठहराया और लाइव वीडियो में आत्महत्या कर ली
यह वही कंपनी है जिसके डायरेक्टर को कुछ समय पहले इंदौर हाई कोर्ट में सजा सुनाई गई
*कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं के करीबी होने का फायदा कर्नाटक राज्य में भी इस कंपनी के मालिक को मिला
इस कंपनी से विशेष लगाव होने के कारण भोपाल संभाग में रहने वाले तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर सक्सेना और रायसेन जिले में पदस्थ असिस्टेंट कमिश्नर हमेशा से ही कंपनी के मालिकों के निर्देशों पर काम करते नजर आते रहे
वैसे तो हमारे सूत्र बताते हैं की तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर वंदना पांडे ने करोड़ों की संपत्ति अपने रिश्तेदारों और अपने नाम पर बनाई है भोपाल शहर की गोल्डन सिटी जिसमें मकान खरीदना बड़े आदमियों का सपना होता है वहां दो-दो मकान होने की खबर भी सामने आई है

आरोपों की मुख्य बातें:
1. 13 करोड़ की चोरी की शराब का मामला।
2. वंदना पांडे और शराब व्यापारी की मिलीभगत।
3. आबकारी कमिश्नर को जानकारी नहीं होने का दावा।
4. वंदना पांडे के पास करोड़ों की संपत्ति।
कार्रवाई:
आरोपों के बाद, आबकारी कमिश्नर ने विभागीय जांच शुरू की है। वंदना पांडे को संभागीय उड़न दस्ता में अटैच किया गया है।
सोम कंपनी के खिलाफ आरोप:
1. शराब चोरी का घोटाला।
2. अवैध शराब बेचने का आरोप।
3. जीएसटी मामले में माननीय न्यायालय को गुमराह करने का आरोप।
4. कंपनी के डायरेक्टरो इन्दौर न्यायालय में सजा होने के बाद भी बेबरीज लाइसेंस कैंसिल न होना
5.मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में ओवर रेट शराब बेचना और अपने मनमाने तरीके से शराब के रेट तय करना
यह मामला गंभीर है और जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा।
हरी खाद- खेती में बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत होगी बेहतर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा की बेटी रिया केशरवानी को दी बधाई, दसवीं बोर्ड में प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल किया
खंडवा के डायल-112 हीरोज
सामाजिक सुरक्षा पेंशन इस विश्वास का अंतरण है कि सरकार हर घड़ी जरूरतमंदों के साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव