सरकार के 9 करोड़ रुपये बेकार गए, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग
संसद की लोक लेखा समिति ने रेल मंत्रालय से कहा है कि दक्षिणपूर्व मध्य रेलवे जोन में 2017-18 में विद्युतीकरण के ठेके में हुए नौ करोड़ के नुकसान के लिए अधिकारियों की जबावदेही तय करे। समिति ने इसके साथ ही खजाने को हुए नुकसान और उस पर ब्याज की वसूली के लिए प्रविधान करने का भी समर्थन किया है। यह मामला एसईसीआर जोन में ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) की कार्य से संबंधित है जिसके लिए 2017-18 में 35.36 करोड़ रुपये के दो ठेके दिए गए थे।
ऑडिट रिपोर्ट में मिली गड़बड़ी
लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि एसईसीआर के सिविल और इलेक्ट्रिकल विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण ठेका देने से पहले आवश्यक सिविल कार्य पूरे नहीं थे। पाया गया कि ठेकेदारों ने ठेका अवधि (2017-18) के दौरान नौ करोड़ रुपये की सामग्री की आपूर्ति की, लेकिन अनुकूल कार्यस्थल की अनुपलब्धता के कारण वे कार्य नहीं कर सके।
समिति ने हाल में संसद को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा, 'इससे काम में कोई प्रगति के बिना ठेकों को जल्द समाप्त कर दिया गया। आपूर्ति की गई नौ करोड़ रुपये की सामग्री का उसके उद्देश्य के लिए पूरी तरह उपयोग नहीं किया जा सका। रेल मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि वह ठेका प्रक्रिया में व्यापक अनुपालन जांच सूची का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगा। मंत्रालय के जवाब से असंतुष्ट समिति ने खेद व्यक्त किया और कहा कि इस स्तर पर समिति केवल यह सिफारिश कर सकती है कि इस तरह की चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने हेतु जांच की जाए।
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